Breaking News

दो जिलों के बीच अटका इंसाफ...! माही नदी ब्रिज पर शव रखकर परिजनों का हंगामा, घंटों जाम... 🔹 एलिवेटेड रोड या चौराहा सुधार...? इंदौर में ट्रैफिक प्लान पर फिर गरमाई सियासत... 🔹 बीयर जब्ती केस में बड़ा कानूनी मोड़ : पुलिस की सख्ती के बाद कोर्ट से ट्रकों को मिली जमानत, अधिवक्ता योगेश खींची की प्रभावी पैरवी 🔹 दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से 13 वर्षीय अर्पित की मौत, दो बच्चे घायल... 🔹 कलेक्टर कार्यालय परिसर में ड्रेस कोड पर सवाल... वर्दी भत्ता मिलने के बावजूद अधिकांश भृत्य सामान्य कपड़ों में नजर आते है... 🔹 मुद्दे की बात... शब्दों का पतन और राजनीति की गिरती मर्यादा... 🔹 झाबुआ में 24 घंटे के भीतर बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार 🔹

खरगोन में फूंका गया कैलाश विजयवर्गीय का पुतला, इस्तीफे की उठी मांग... दूषित पानी से मौतों पर मंत्री के बयान का विरोध...

 - News image
✍️ संवाददाता: खरगोन  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

03 जनवरी 2026

खरगोन

खरगोन (विशाल भमाेरिया) । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और इसके बाद पत्रकार के सवाल पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान को लेकर शनिवार को खरगोन जिले में तीखा विरोध देखने को मिला। बिस्टान क्षेत्र में आदिवासी समाजजनों और विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला दहन किया।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में खरगोन जिले में आदिवासी समाज द्वारा किया गया उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन

प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए मंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक ओर दूषित पेयजल से लोगों की जान जा रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री संवेदनशीलता दिखाने के बजाय पत्रकारों से अभद्र भाषा में जवाब दे रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।


आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही ने आम नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो विरोध को और व्यापक किया जाएगा।

Comments (0)

अन्य खबरें :-

Advertisement

Advertisement

Advertisement