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रेलवे क्रॉसिंग पर फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली… सूचना मिलते ही दौड़े अधिकारी, मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारियां...

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✍️ संवाददाता: इंदौर  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

10 जनवरी 2026

इंदौर

इंदौर (संवाददाता)। रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों की सतर्कता तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को परखने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तय समय के भीतर राहत और बचाव कार्य को प्रभावी रूप से अंजाम देना रहा।

 

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंडल कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि फतेहाबाद चंद्रावतीगंज–चिंतामन गणेश सेक्शन के बीच रेलवे क्रॉसिंग क्रमांक 4 पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली रोल डाउन होकर फंस गई है। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया।


कंट्रोल रूम से निर्देश मिलते ही रेलवे की राहत गाड़ी, एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी), एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट (एआरएमई) और चिकित्सा दल को तत्काल रवाना किया गया। सभी टीमें निर्धारित समयावधि में पूरी तैयारी के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं।


राहत और बचाव से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और उपकरणों के मौके पर पहुंचने के बाद इस घटना को मॉक ड्रिल घोषित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया गया।


यह मॉक ड्रिल वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डी.एम. सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मौके पर सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, कुछ अधिकारी मंडल कार्यालय स्थित कंट्रोल ऑफिस में रहकर पूरे अभ्यास की निगरानी करते रहे।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल से वास्तविक आपात स्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। अभ्यास के माध्यम से कर्मचारियों को हर स्थिति के लिए तैयार किया जाता है।

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