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सांसद के करीबी का काला साम्राज्य बेनकाब... रतलाम में 10 किलो एमडी ड्रग्स, अवैध हथियार, 91 जिंदा कारतूस, दो मोर और चंदन की लकड़ियां बरामद...

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✍️ संवाददाता: रतलाम  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

16 जनवरी 2026

रतलाम

रतलाम (कृष्णापाल सिंह सिसाेदिया)। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच रतलाम जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की बड़ी कार्रवाई में यहां एक ड्रग्स फैक्ट्री से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 10 किलो एमडी ड्रग्स, अवैध हथियार, 91 जिंदा कारतूस, दो संरक्षित मोर और चंदन की लकड़ियां बरामद की गई हैं। यह मामला सामने आते ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।


पुलिस के अनुसार, बरामद एमडी ड्रग्स (मेथिलेंडायऑक्सी मेथामफेटामीन) की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की मौजूदगी यह संकेत देती है कि आरोपी लंबे समय से संगठित रूप से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त था और इसकी सप्लाई चेन राज्य के बाहर तक फैली हो सकती है।


छापेमारी के दौरान ड्रग्स के साथ एक अवैध बंदूक और 91 जिंदा कारतूस का मिलना मामले को और गंभीर बनाता है। जांच अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की मौजूदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि आरोपी न सिर्फ नशे के धंधे से जुड़ा था, बल्कि जरूरत पड़ने पर हिंसक आपराधिक गतिविधियों से भी पीछे नहीं हटता।


इस कार्रवाई में एक और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब पुलिस ने मौके से दो मोर और चंदन की लकड़ियां भी जब्त कीं। मोर संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आते हैं, ऐसे में यह मामला अब केवल एनडीपीएस एक्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और अवैध लकड़ी तस्करी से जुड़े प्रावधान भी जुड़ गए हैं। वन विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है।


जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी एक ड्रग्स फैक्ट्री का मालिक है और उसका नाम राजनीतिक गलियारों में भी जाना-पहचाना रहा है। बताया जा रहा है कि वह एक सांसद चंद्रशेखर का करीबी है और इससे पहले विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। हालांकि पुलिस का कहना है कि राजनीतिक संबंधों की औपचारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।


इस पूरे मामले की जांच मध्यप्रदेश पुलिस की टीम गहराई से कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स कहां से लाई गई, कहां सप्लाई की जानी थी, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इस नेटवर्क को किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण भी मिला हुआ था।


अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्तियों की जांच और कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है।


कुल मिलाकर, रतलाम से सामने आया यह मामला सिर्फ नशे के अवैध कारोबार का नहीं, बल्कि अपराध, हथियार, वन्यजीव तस्करी और संभावित राजनीतिक संरक्षण के खतरनाक गठजोड़ की ओर इशारा करता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे और किन-किन नामों से पर्दा उठता है।

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