ओलावृष्टि से तबाह फसलें, पूर्व विधायक वालसिंह मेडा ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग
04 फरवरी 2026
पेटलावद
पेटलावद (चरणसिंह लववंशी) । झाबुआ जिले में पेटलावद क्षेत्र के बोलासा, कानाकुआं, सेमरोड और बखतपूरा क्षेत्र में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। प्राकृतिक आपदा के चलते गेहूं, चना, मक्का सहित अन्य रबी फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह गिर चुकी हैं, जिससे महीनों की मेहनत एक झटके में मिट्टी में मिल गई।
इसी कड़ी में क्षेत्र के पूर्व विधायक वालसिंह मेडा ने प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर फसल क्षति देखी और किसानों से सीधा संवाद कर नुकसान की वास्तविक स्थिति जानी। पूर्व विधायक मेडा ने प्रशासन से मांग की कि बिना देरी के सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित व पर्याप्त मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में किसानों को राहत मिल सके।
दौरे के दौरान पूर्व विधायक मेडा ने कहा कि ओलावृष्टि ने किसानों की आर्थिक स्थिति को झकझोर कर रख दिया है। कई किसानों की पूरी फसल नष्ट हो चुकी है और उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मुआवजा नहीं दिया गया तो कांग्रेस किसानों के हित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
इसी तारतम्य में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह सेमलिया, यशवर्धन सिंह उमरकोट, कालू भाई, वरदीचंद पटेल, चरणसिंह, दीपक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों के साथ-साथ किसानों पर कर्ज का बोझ भी बढ़ गया है। उन्होंने शासन से फसल बीमा राशि का तत्काल भुगतान और अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि किसानों की आवाज हर मंच पर उठाई जाएगी और जब तक पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।





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