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धनखेड़ी पंचायत विवाद: दस्तावेजों में सरपंच पति के नाम भुगतान का दावा, बोले — “काम किया है इसलिए बिल लगाए”

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✍️ संवाददाता: धार  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

19 फरवरी 2026

धार

✍️ ऋतिक विश्वकर्मा | एमपी जनमत


धार । उमरबन ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनखेड़ी में भुगतानों को लेकर उठे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। पहले शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप और कथित धमकी प्रकरण के बाद अब दस्तावेजों को लेकर चर्चा तेज हो गई है तथा सरपंच पति का पक्ष भी सामने आया है।


 क्या है पूरा मामला 

गांव के निवासी गब्बर सिंह भावेल ने पंचायत के कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत में नियमों को दरकिनार कर परिजनों के नाम से भुगतान किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस संबंध में उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं और उन्होंने जांच की मांग की है।


 दस्तावेजों में क्या सामने आने का दावा 

शिकायतकर्ता के अनुसार उपलब्ध रिकॉर्ड में सरपंच पति के नाम से बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर दर्ज भुगतान प्रविष्टियों का उल्लेख दिखाई देता है। इसे उन्होंने पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए जांच योग्य बताया है।
इसके अलावा पंचायत के एक पूर्व सचिव से जुड़े नामों पर भी भुगतान होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों में इन प्रविष्टियों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।


 पहले भी उठा चुके हैं आवाज 

शिकायतकर्ता का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में उन्होंने कथित मामलों को लेकर व्हाट्सएप स्टेटस साझा किया था, जिसके बाद उन्हें फोन पर धमकी मिलने का आरोप लगाया गया। उन्होंने बातचीत की रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए सुरक्षा की मांग की है।


 सरपंच पति का पक्ष 

एमपी जनमत द्वारा संपर्क किए जाने पर सरपंच पति संतोष ठाकुर ने बताया कि उन्होंने पंचायत में ठेकेदारी के तहत कार्य किया है, इसलिए बिल लगाए गए हैं। उनके अनुसार यदि कार्य किया गया है तो भुगतान होना स्वाभाविक है।
उन्होंने अन्य पंचायतों में भी ऐसे मामलों की जांच किए जाने की बात कही तथा खबर प्रकाशित किए जाने पर आपत्ति भी जताई।


 पंचायत सचिव का पक्ष 

इस संबंध में पंचायत सचिव से मोबाइल पर संपर्क किया ताे उन्हाेने बताया की मैं मानता हूं गलती हाे गई है, मैने गब्बर काे आवेश में आकर गाली गलाैज कर दी। वह मेरे गांव का है हमारे बीच चलते रहती है। साथ ही अब खबर नहीं लगवाने का प्रस्ताव भी रखा गया। 

जनपद सीईओ से संपर्क नहीं

जनपद सीईओ पचाैरी जी से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया।  

 

 मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा है 

शिकायतकर्ता ने पुलिस और ईओडब्ल्यू में आवेदन देने की बात कही है। कहां है कि मैं निडरता से गांव के विकास के लिए कुछ भी कर सकता हूं, भ्रष्टाचार मेरे गांव की पंचायत में हाे रही है ताे आवाज उठाऊंगा और लडूंगा पर इनका भ्रष्टाचार उजागर करके रहूंगा।

 

शिकायत दर्ज होने की स्थिति में पूरे मामले की जांच शुरू हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगी गई है, प्राप्त होने पर प्रकाशित की जाएगी।

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