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धार की सियासत में नई हलचल... रोहित कामदार बने युवाओं की पहली पसंद...! क्या चुनावी रण में देंगे दस्तक...?

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✍️ संवाददाता: 12 नवम्बर 2025  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

धार

12 नवम्बर 2025

 ✍️ ऋतिक विश्वकर्मा

एमपी जनमत विशेष रिपोर्ट

धार। राजनीति की हवा जब बदलती है, तो उसके झोंके सबसे पहले युवाओं को छूते हैं। धार में आजकल ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है - जहां रोहित कामदार का नाम हर चौपाल, हर गलियारे और हर सोशल प्लेटफॉर्म पर गूंजने लगा है।

युवा जोश और जमीन से जुड़ाव की यह कहानी अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। शहर के चौराहों से लेकर गाँव के चौपालों तक, “कामदार भैया आ रहे हैं” जैसा वाक्य अब चुनावी चर्चा में तब्दील हो रहा है।

जनता से सीधा संवाद, हर वर्ग में पकड़...
रोहित कामदार पिछले कुछ वर्षों से न केवल युवाओं के बीच बल्कि व्यापारिक और सामाजिक तबकों में भी अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। उनका कार्यालय अब सिर्फ नेताओं के मिटिंग की जगह नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं का “मिलन केंद्र” बन चुका है - जहां विकास की बातें होती हैं, रोजगार की योजनाएँ बनती हैं और एक नयी राजनीति का खाका खींचा जाता है।

कांग्रेस खेमे में नई उम्मीद...
हाल ही में युवक कांग्रेस से जुड़े रहने और युवा वर्ग में सक्रियता बढ़ाने के चलते कामदार को धार की राजनीति में “नई उम्मीद” माना जाने लगा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर कांग्रेस को धार में नई ताकत चाहिए, तो रोहित जैसे जमीनी नेताओं को आगे लाना ही होगा।

चुनावी संकेत... धीरे-धीरे साफ हो रहे हैं...
राजनीति में वक्त से पहले कुछ कहना जल्दबाजी होती है, लेकिन धार के हालात कुछ और कहानी कहते हैं। आने वाले चुनाव में रोहित कामदार की भूमिका चाहे उम्मीदवार की हो या रणनीतिक नेतृत्व की, इतना तय है कि धार की सियासत में उनका नाम अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

युवाओं का संदेश - अब बारी हमारी...
बेरोजगारी, पलायन और स्थानीय मुद्दों से परेशान धार के युवा अब अपने ही बीच से नेतृत्व चाहते हैं। यही वजह है कि कामदार के हर कार्यक्रम में युवाओं की भीड़ दिखाई देती है। कहीं क्रिकेट टूर्नामेंट में सम्मान समारोह हो या सोशल मीडिया लाइव - “युवा चेहरा, साफ छवि और संवाद की ताकत” तीनों गुण कामदार को बाकी नेताओं से अलग बनाते हैं।

धार की जनता अब देख रही है नई दिशा...
कभी शांत रहने वाला धार का राजनीतिक गलियारा अब गहमागहमी से भरा हुआ है। लोग खुलकर कह रहे हैं - “अब नेतृत्व बदलेगा, धार को नया चेहरा चाहिए।” ऐसे में अगर आने वाले नगर पालिका के चुनाव में रोहित कामदार अपनी औपचारिक पारी की शुरुआत करते हैं, तो यह धार की राजनीति का सबसे दिलचस्प अध्याय होगा।

संकेत साफ है - धार अब बदलाव के मूड में है, और जनता की नजर उस चेहरे पर है जो अपने नाम से ज्यादा अपने काम से पहचाना जाता है। वो नाम है - रोहित कामदार।

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