पीएम की ईंधन बचाने की अपील बेअसर... कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग में घंटों स्टार्ट रहती सरकारी गाड़ियां
11 जून 2026
इंदौर
अरविंद आर. तिवारी | एमपी जनमत
इंदौर। देश में ईंधन संरक्षण को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi भी कई बार नागरिकों और सरकारी अमले से ईंधन बचाने की अपील कर चुके हैं, लेकिन इंदौर कलेक्टर कार्यालय परिसर में कुछ सरकारी वाहनों के संचालन को लेकर ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जो इन अपीलों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग में आबकारी विभाग की एक सरकारी बोलेरो लंबे समय तक स्टार्ट हालत में खड़ी दिखाई दी। वाहन के सभी शीशे बंद थे और चालक अंदर बैठकर एसी की ठंडी हवा का आनंद लेते नजर आया। आरोप है कि संबंधित अधिकारी के कार्यालय में चले जाने के बाद भी वाहन लगातार चालू रखा गया, जिससे सरकारी ईंधन की अनावश्यक खपत होती रही।
बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग के एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी को आवंटित बोलेरो क्रमांक एमपी-09-ज़ेडएल-7670 पर विभाग का नाम भी अंकित है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन पार्किंग में खड़ा रहने के दौरान भी उसका इंजन चालू था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब वाहन उपयोग में नहीं है तो उसे लगातार स्टार्ट रखने की आवश्यकता क्या है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर आम नागरिकों से ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने की अपील की जाती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी वाहनों में इस प्रकार की लापरवाही सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की श्रेणी में आती है। सरकारी वाहनों में खर्च होने वाला ईंधन आखिरकार जनता के टैक्स से ही खरीदा जाता है।
इसी पार्किंग क्षेत्र में एक तहसीलदार को आवंटित बोलेरो क्रमांक एमपी-09-डब्ल्यूएच-3164 भी इसी तरह स्टार्ट हालत में खड़ी दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक वाहन में बैठकर एसी का उपयोग करता रहा, जबकि वाहन कहीं संचालित नहीं हो रहा था। इससे ईंधन की अनावश्यक खपत और पर्यावरणीय नुकसान दोनों की आशंका जताई जा रही है
अब सवाल यह है कि ईंधन संरक्षण और सरकारी खर्चों में मितव्ययिता की बात करने वाले विभागों में ही यदि इस प्रकार की स्थिति बनी रहती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी। मामले को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।




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